आगरा: जिला पंचायत की दुकानों में धांधली की चर्चा पर सांसद के बोलने पर जिलाधिकारी ने पत्रावली की तलब

 आगरा। भ्रष्टाचार गले तक जिस प्रभाग के गले मेें अटक गया हो वहां से भ्रष्टाचार समाप्त करने की मुहिम शुरू हो तो इस बात को बधाई देने के साथ ही आगे बढ़ाया जाना उचित  होगा।

अभी दो दिन पहले बापू चबूतरा से सटे पार्क की जमीन को रातों रात नीलम कर देने की खबर ने दर्द हरा कर दिया था । उस खबर पर गौर इस लिए नहींं दिया क्योंकि दुकान न मिलने की शिकायत भाव को लेकर विरोध था  ऐसा ही एपिसोड 15 साल पहले भी यहाँ हो चुका था । मगर इस बार बापू के चबूतरे से जुड़े पार्क को आवंटित करने से गम्भीर बन गया ।

मेला , शिक्षा, मवेशी व अस्पतालों की जमीनी मालिकी से पंचायत जिले की बड़ी मजबूत कड़ी मानी जाती है ।

बधाई !! पर बात बापू चबूतरा के पार्क और उसके निर्माण पर हल हो । भृष्टाचार उजागर होगा । पोल खोल अभियान के तहत एडवोकेट धर्मेंद्र मिश्र जी ने कहा है कि जिला पंचायत के जितने आय के साधन है  अगर नियमानुसार जांच कराई जाएगी तो बहुत बड़ा घोटाला निकलेगा ।

जिला पंचायत की संपत्ति के आंकलन अभियान ही नहीं चले । उल्टे किराए व इकरार नामोंं के फर्जीबाड़े की भरमार है ।

मवेशी, अस्पताल, पुस्तकालय पर तो पहले से ही बाह में कब्जे हें ।जिनमें से मवेशी का फर्जी बैैनामा वाले मामले में जनता की ओर से रामराज सिंह राठौर का तो हाई कोर्ट तक जाना हुआ था । अस्पताल की जमीन पर भी एक पूर्व चेयरमैन का कब्जा है । वहीं परिषदीय बाजार की दुकानें भी कोड़ी के भाव आवंटित हुई जो क्रम तब से अब तक जारी है ।

पैसे के लिए ये लोग बापू चबूतरे की सटी पार्क वाली जमीन को जिस तरह से रातों रात आवंटन कर जैसी कार्रवाई भ्रष्टाचार उजागर करती है । इसकी शिकायत पर  फतेहपुर सीकरी सांसद राजकुमार चाहर ने भी जिलाधिकारी से कह एक्शन लेने व जिलाधिकारी से कह वह कार्य रुकवाके उचित कार्रवाई की बात कही है।

जिला पंचायत जितनी ज्यादा ताकतवर है उतनी ही पिछले चार दशकों से कमजोर पड़ती जाने से  भ्रष्टाचार से ग्रसित हो चुकी है । उनकी जमीन व भवनों को बचाने के लिए जनता के लोग आगे आते आ रहे हैं । प्रति 10 बारह साल के अंतराल पर अवैध कब्जों और अतिक्रमणकारी घेरे जाते रहे हैं ।

1980 में जिला परिषद की लाइब्रेरी भवन घेर कर दुकानों में बदल कब्जा की गईं । 19 88 में मवेशी की जमीन पर  व अस्पताल पर 1990 तक । और कई अन्य स्थान कर्षि फार्म इसी तरह शिकार बनते रहे । जिला परिषद के डाक बंगला से जुड़ी कई एकड़ जमीन पर गोल मार्केट के साथ एक बालिका स्कूल प्रस्तावित था समाप्त कर सीधे प्लाट बिक्री कर जो धांधली शुरू हुई आज तक जारी है ।

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