Posts

भारत मे कुछ नियम बनाने चाहिए 1 राष्ट्रपति के पद पर किसी को 5 वर्ष से अधिक का समय नहीं मिलना चाहिए 2 उप राष्ट्रपति के पद पर किसी को 10 वर्ष से अधिक का समय नहीं मिलना चाहिए 3 प्रधानमंत्री के पद पर किसी को 15 वर्ष से अधिक का समय नहीं मिलना चाहिए 4 मुख्यमंत्री के पद पर किसी को 20 वर्ष से अधिक का समय नहीं मिलना चाहिए 5 सांसद / विधायक के पद पर किसी को 25 वर्ष से अधिक का समय नहीं मिलना चाहिए 6 किसी को भी किसी भी सरकारी पद पर 30 वर्ष से अधिक का समय नहीं मिलना चाहिए अगर मेरी बात से सहमत / असहमत हैं क्रपय़ा अपने विचार दें

  भारत मे कुछ नियम बनाने चाहिए 1 राष्ट्रपति के पद पर किसी को 5 वर्ष से अधिक का समय नहीं मिलना चाहिए 2 उप राष्ट्रपति के पद पर किसी को 10 वर्ष से अधिक का समय नहीं मिलना चाहिए 3 प्रधानमंत्री के पद पर किसी को 15 वर्ष से अधिक का समय नहीं मिलना चाहिए 4 मुख्यमंत्री के पद पर किसी को 20 वर्ष से अधिक का समय नहीं मिलना चाहिए 5 सांसद / विधायक के पद पर किसी को 25 वर्ष से अधिक का समय नहीं मिलना चाहिए 6 किसी को भी किसी भी सरकारी पद पर 30 वर्ष से अधिक का समय नहीं मिलना चाहिए अगर मेरी बात से सहमत / असहमत हैं क्रपय़ा अपने विचार दें

सरकारी संस्था कुछ सस्ता बेचे,समझो भ्रष्टाचार है निजी संस्था कुछ महंगा बेचे, समझो भ्रष्टाचार है

 सरकारी संस्था कुछ सस्ता बेचे,समझो भ्रष्टाचार है निजी संस्था कुछ महंगा बेचे, समझो भ्रष्टाचार है

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के पूर्व कार्यकर्ता अनूप गुप्ता जी

  अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के पूर्व कार्यकर्ता  अनूप गुप्ता जी को भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश का महामंत्री बनाये जाने पर बहुत-बहुत  बधाई  एवं अनेकों शुभकामनाएँ ।

एक छोटा सा प्रयास तहसील बाह में "मुंसिफ न्यायालय "

  सेवा मे श्रीमान सभी जनप्रतिनिधि ( १. लोकसभा सदस्य ,१ विधान सभा सदस्य ,३ विधान परषिद सदस्य, १ जिला पंचायत अध्यक्ष,३ ब्लॉक प्रमुख, ७ सदस्य जिला पंचयात,लगभग २०० क्षै त्र पंचायत सदस्य, लगभग २०० ग्राम पंचायत प्रधान, एवं सभी कॉलेज एवं सभी स्कूलों के प्रधानाचार्य,पूर्व प्रधानचर्य,, सामाजिक संघठन ,राजनैतिक संघठन ,सांस्कृतिक,साहित्यिक बुद्धजीवियों ओर सभी महानुभावो जो तहसील बाह को विकसित तहसील बनाना चाहते हैं एवं मेरे प्यारे वकील भाइयों से विनम्र निवेदन। श्रीमान आप सभी कहीं न कहीं तहसील बाह के विकास से जुड़े हुए है और मुझे पूरा विश्वास है कि आप सभी अपनी ओर से पूरा प्रयास कर रहे होंगे। जिसके लिए मैं आप सब का आभारी हूँ कई महानुभाव बाह को जिला बनाने का भी प्रयास कर रहें है। जिसका स्वागत है। लेकिन श्रीमान अभी मैंने एक छोटा सा प्रयास तहसील बाह में "मुंसिफ न्यायालय " की स्थापना का शुरू किया है पहले भी कई लोगो ने स्थानीय स्तर पर प्रयास किये है। मै धर्मेंद्र कुमार मिश्रा बस उसी प्रयास को आगे ले जाने और साकार करने का प्रयास कर रहा हूँ। आप सभी से निवेदन करता हूँ। कि कृपया सहयोग, मार्ग दर्शन और ...

तहसील बाह के रेलवे स्टेशन तक के लिए सड़क

 सेवा मे  श्रीमान सभी जनप्रतिनिधि ( १. लोकसभा सदस्य ,१ विधान सभा सदस्य ,३ विधान परषिद सदस्य, १ जिला पंचायत अध्यक्ष,३ ब्लॉक प्रमुख, ७ सदस्य जिला पंचयात,लगभग २०० क्षै त्र पंचायत  सदस्य  और लगभग   २००  ग्राम पंचायत प्रधान श्रीमान  आप  सभी  कहीं न कहीं  तहसील  बाह के विकास से जुड़े हुए है  और  मुझे  पूरा  विश्वास  है   कि आप सभी  अपनी ओर से पूरा  प्रयास  कर रहे होंगे।  जिसके लिए  मैं  आप  सब का आभारी हूँ कई महानुभाव  बाह को जिला बनाने का भी प्रयास  कर रहें है। जिसका स्वागत है।  लेकिन  फिलहाल  रेलवे स्टेशन  तक के लिए  सड़क  बनवा  दीजिये। तहसील  बाह की जनता आपकी आभारी रहेगी।   आपका  साथी  धर्मेंद्र कुमार मिश्रा  एडवोकेट 

एनआई अधिनियम धारा 138

  एनआई अधिनियम धारा 138 : हलफनामे पर अभियुक्त को साक्ष्य प्रस्तुत करने की अनुमति नहीं दी जा सकती : पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट

वकालत है चुनौतीपूर्ण पेशा, जानिए सफल वकील बनने के आवश्यक गुण

  देशभर में हज़ारोंं लोग प्रतिवर्ष लॉ ग्रेजुएट होकर आते हैंं। अलग अलग राज्यों की अधिवक्ता सूची में शामिल होकर विधि व्यवसाय आरंभ करते हैंं, परन्तु वकालत नितांत चुनौतीपूर्ण पेशा है। इस पेशे में लाइम लाइट के साथ चुनौतियां भी बहुत हैं। यदि इस पेशे में थोड़ी गंभीरता रख ली जाए तो आपका भविष्य स्वर्णिम है। भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट बार के एक समागम में कहा था, "वकीलों को कोई लड़की नहीं देना चाहता।" Also Read - 'संविधान की पवित्रता अनिवार्य रूप से धर्मनिरपेक्षता की पुष्टि में है': संविधान सभा की एकमात्र मुस्लिम महिला बेगम ऐज़ाज़ रसूल के भाषण के अंश पूर्व मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर के इस बयान में तर्क तो है। समाज में वकीलों की अंधाधुंध भीड़ बढ़ने से इस पेशे की किरकिरी तो हुई है, परंतु फिर भी कुछ मार्ग ऐसे हैं, जिसमे आप इस नोबल पेशे को अपनाकर अपना स्वर्णिम भविष्य गढ़ सकते हैं। नोबेल प्रोफेशन वकालत सदा से नोबेल पेशा रहा है। ब्रिटेन में भी संपन्न घरों के लोग वकालत किया करते थे। वकीलों के पहने जाने वाले गाउन में पीछे दो पॉकेट हुआ करते थे। वकील जिन लोगो की प...